यह बात सच है कि सर्दियों में Geyser आज लगभग हर घर की बुनियादी ज़रूरत बन चुका है। ठंडे मौसम में गर्म पानी के बिना नहाने की कल्पना करना भी मुश्किल लगता है। इसी जल्दबाज़ी या सुविधा के कारण बहुत-से लोग नहाते समय भी Geyser ON रखते हैं, बिना यह सोचे कि यह आदत कितनी ख़तरनाक साबित हो सकती है।
अक्सर लोग मानते हैं कि अगर Geyser सही से काम कर रहा है तो कोई जोखिम नहीं है, लेकिन हक़ीक़त इससे काफ़ी अलग है। ज़रा-सी लापरवाही, ख़राब वायरिंग या नमी भरा बाथरूम — और यह रोज़मर्रा की आदत एक गंभीर हादसे में बदल सकती है। इसलिए यह सवाल उठना ज़रूरी है कि Geyser ON रहते हुए नहाना कितना खतरनाक है, और क्या हम अनजाने में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं?
इस लेख में हम इसी अहम विषय पर बात करेंगे और जानेंगे: Geyser ON रहते हुए नहाना कितना खतरनाक है और Electric Shock कैसे और क्यों लग सकता है, किन हालात में यह खतरा सबसे ज़्यादा बढ़ जाता है
यह जानकारी हर उस व्यक्ति के लिए ज़रूरी है जो सर्दियों में Geyser का इस्तेमाल करता है, क्योंकि थोड़ी-सी समझदारी बड़े हादसे से बचा सकती है।
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Geyser ON रहते हुए नहाना क्यों खतरनाक है?
Geyser एक High Power Electrical Appliance होता है, जिसकी क्षमता आमतौर पर 2000W से 3000W तक होती है। इतनी ज़्यादा बिजली खपत करने वाला उपकरण अगर सही स्थिति में न हो, तो यह गंभीर खतरे का कारण बन सकता है। खासकर तब, जब आप Geyser ON रखते हुए नहा रहे हों, क्योंकि उस समय पानी और बिजली दोनों एक साथ सक्रिय होते हैं।

असल समस्या तब शुरू होती है जब Geyser के अंदर हल्की-सी भी तकनीकी खराबी आ जाए। खराब wiring, पुराना heating element या insulation की कमी के कारण करंट पानी के ज़रिए सीधे आपके शरीर तक पहुँच सकता है। ऐसे में व्यक्ति को पता भी नहीं चलता और कुछ ही सेकंड में जानलेवा स्थिति बन सकती है। यही वजह है कि यह समझना ज़रूरी है कि Geyser ON रहते हुए नहाना कितना खतरनाक है।
मुख्य खतरे इस प्रकार हैं:
- Electric Shock: पानी में फैला करंट शरीर के संपर्क में आते ही तेज़ झटका दे सकता है।
- Short Circuit: नमी या पानी के रिसाव से Geyser के अंदर शॉर्ट सर्किट हो सकता है, जो हादसे को जन्म दे सकता है।
- Earthing Failure: अगर सही earthing न हो, तो लीकेज करंट बाहर निकलने के बजाय शरीर के रास्ते ज़मीन तक पहुँचता है।
- Water + Electricity का Combination: यह संयोजन सबसे ज़्यादा खतरनाक माना जाता है, खासकर बाथरूम जैसे बंद और गीले स्थान में।
ध्यान देने वाली बात यह है कि पानी बिजली का अच्छा conductor होता है, और गीला शरीर करंट को और तेज़ी से फैलने में मदद करता है। इसी वजह से नहाते समय Geyser ON रखना एक छोटी गलती नहीं, बल्कि एक बड़ा जोखिम हो सकता है।
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Geyser से Electric Shock लगने के मुख्य कारण
Geyser से electric shock अचानक नहीं लगता, बल्कि इसके पीछे स्पष्ट वैज्ञानिक और तकनीकी कारण होते हैं। वर्षों के अनुभव और electrical safety standards यह साबित करते हैं कि बाथरूम में होने वाले ज़्यादातर हादसे किसी एक बड़ी गलती नहीं, बल्कि कई छोटी लापरवाहियों का नतीजा होते हैं। नीचे दिए गए कारण वास्तविक घटनाओं, तकनीकी विश्लेषण और बिजली के मूल सिद्धांतों पर आधारित हैं।

1. Proper Earthing न होना — करंट को निकलने का रास्ता न मिलना
Earthing किसी भी electrical appliance की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा परत होती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि अगर कहीं से भी current leakage हो, तो वह मानव शरीर के बजाय सीधे ज़मीन में चला जाए। जब Geyser की earthing सही नहीं होती या बिल्कुल नहीं होती, तो leakage current पानी में घुल जाता है।
- वैज्ञानिक दृष्टि से: गीला फर्श, पानी और मानव शरीर—तीनों का resistance बहुत कम हो जाता है। ऐसे में शरीर करंट के लिए सबसे आसान रास्ता बन जाता है।
- परिणाम: नहाते समय हल्का झटका, लगातार झनझनाहट या अचानक तेज़ shock लगना
2. Heating Element खराब होना — पानी में छुपा करंट
Geyser का Heating Element लगातार High Voltage (230V AC) और High Temperature पर कार्य करता है। यह तत्व सामान्यतः एक धातु की कुंडली (Nichrome Coil) से बना होता है, जिसके ऊपर High-Grade Electrical Insulation (जैसे Magnesium Oxide) की परत होती है। समय के साथ-साथ, बार-बार गर्म और ठंडा होने (Thermal Cycling) के कारण यह इंसुलेशन धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है।
जब यह Protective Insulation माइक्रो-क्रैक या ब्रेकडाउन की स्थिति में पहुँच जाती है, तो Live Phase Current सीधे पानी के संपर्क में आ सकता है। यह करंट बाहर से दिखाई नहीं देता, लेकिन पानी के पूरे वॉल्यूम में फैल जाता है, जिससे उपयोगकर्ता को अचानक झटका लग सकता है।
अनुभव आधारित संकेत (Practical Field Observation)
अगर नहाते समय या बाल्टी से पानी छूते ही सुई चुभने जैसी झनझनाहट, हल्की गुदगुदी या शरीर में कंपन महसूस हो, तो यह लगभग तय संकेत है कि Heating Element अंदर से लीकेज कर रहा है। अनुभवी इलेक्ट्रिशियन इसे Element Leakage Current का स्पष्ट लक्षण मानते हैं और ऐसे में गीजर का उपयोग तुरंत रोकने की सलाह दी जाती है।
वैज्ञानिक तथ्य
पानी स्वयं शुद्ध अवस्था में खराब चालक होता है, लेकिन घरेलू पानी में मौजूद Dissolved Salts, Minerals और Ions (जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम) इसकी Electrical Conductivity को कई गुना बढ़ा देते हैं। जैसे ही लाइव करंट पानी में लीक होता है, ये आयन करंट को पूरे पानी में फैलाने में मदद करते हैं, जिससे Shock Intensity बढ़ जाती है।
इसी कारण हल्का-सा लीकेज भी Human Body के लिए खतरनाक स्तर तक पहुँच सकता है, खासकर जब शरीर गीला हो और त्वचा का प्रतिरोध (Body Resistance) कम हो जाता है।
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3. सस्ती या Local Wiring — नमी के साथ बढ़ता खतरा
Local या low-grade electrical wiring में उपयोग की गई insulation आमतौर पर standard heat-resistant और moisture-resistant नहीं होती। लगातार गर्मी (current flow) और बाथरूम के नम वातावरण (Humidity) के संपर्क में आने से यह insulation जल्दी कठोर होकर crack करने लगती है या पिघलने लगती है।
बाथरूम की दीवारों के अंदर जमा हुई नमी (Moisture Ingress) समय के साथ इन कमजोर इंसुलेटेड तारों को धीरे-धीरे semi-conductive बना देती है, जिससे करंट बाहर की सतहों तक रिसने लगता है।
तकनीकी रूप से क्या होता है?
जब insulation का dielectric strength कम हो जाता है, तब leakage current दीवारों के भीतर मौजूद लोहे की सरिया, पानी की पाइपलाइन या metal fittings के माध्यम से फैल सकता है। यही कारण है कि कई बार गीजर, नल या शॉवर छूते ही झटका महसूस होता है, जबकि उपकरण बाहर से सही दिखता है।
खतरा सबसे ज्यादा कब होता है?
- यह स्थिति तब अत्यधिक खतरनाक हो जाती है जब:
- वायरिंग कई साल पुरानी हो
- Local या non-ISI तारों का इस्तेमाल किया गया हो
- कभी insulation resistance (IR) testing या electrical safety check न कराई गई हो
4. MCB / RCCB न होना — सुरक्षा तंत्र का अभाव
MCB (Miniature Circuit Breaker) का मुख्य काम ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट की स्थिति में सर्किट को सुरक्षित रखना है, जबकि RCCB (Residual Current Circuit Breaker) सीधे तौर पर मानव जीवन की सुरक्षा के लिए डिज़ाइन की गई होती है।
RCCB इस सिद्धांत पर कार्य करती है कि सर्किट में जितना करंट फेज (Phase) से अंदर जा रहा है, उतना ही न्यूट्रल (Neutral) से वापस आना चाहिए। जैसे ही यह संतुलन बिगड़ता है, यानी करंट कहीं Leak हो रहा होता है, RCCB मिलीसेकंड में सप्लाई काट देती है।
(Scientific Threshold)
मानव शरीर के लिए 30 milliamp (0.03 Ampere) से अधिक करंट बेहद खतरनाक माना जाता है, विशेष रूप से तब जब शरीर गीला हो और त्वचा का प्रतिरोध कम हो जाए। इसी कारण घरेलू RCCB को 30mA Sensitivity पर डिज़ाइन किया जाता है, ताकि खतरे की स्थिति में बिजली तुरंत बंद हो सके।
(Field Experience)
व्यावहारिक रूप से देखा गया है कि जिन घरों में RCCB सही रेटिंग के साथ ठीक से कार्यरत होती है, वहाँ बिजली से जुड़े गंभीर हादसे या घातक शॉक की घटनाएँ लगभग न के बराबर होती हैं। अधिकांश दुर्घटनाएँ उन्हीं स्थानों पर होती हैं जहाँ यह सुरक्षा उपकरण या तो लगा ही नहीं होता, या खराब होकर लंबे समय से काम नहीं कर रहा होता।
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Switch OFF समझकर Geyser का ON रह जाना — सबसे आम मानवीय भूल
कई दुर्घटनाओं में यह देखा गया है कि तकनीकी सिस्टम पूरी तरह सही होता है, लेकिन मानवीय अनुमान (Human Assumption) सबसे कमजोर कड़ी साबित होता है।
अक्सर लोग केवल Indicator Light देखकर या आदत के आधार पर मान लेते हैं कि गीजर बंद है, जबकि वास्तविकता इससे अलग हो सकती है।
असली तकनीकी कारण
- Indicator bulb का खराब होना, जिससे false OFF का भ्रम बनता है
- Switch board में loose या carbonized contact, जहाँ स्विच OFF दिखता है लेकिन अंदर से सर्किट बंद नहीं होता
- गलत या पुराने design की labeling, जिससे गीजर और लाइट के स्विच में भ्रम पैदा होता है
- परिणाम (Real Risk): ऐसी स्थिति में व्यक्ति बिना किसी दृश्य चेतावनी के live electrical system के संपर्क में आ जाता है। गीले फर्श, धातु की पाइप और पानी- ये तीनों मिलकर current flow का आसान रास्ता बना देते हैं, जिससे खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
बाथरूम में बिजली सामान्य जगहों की तरह व्यवहार नहीं करती। यहाँ नमी, पानी और मानव शरीर मिलकर जोखिम को कई गुना बढ़ा देते हैं।
इसीलिए यह समझना बेहद ज़रूरी है कि Geyser ON रहते हुए नहाना कितना खतरनाक है, क्योंकि यह खतरा किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई वैज्ञानिक और तकनीकी कारकों के मेल से पैदा होता है।
क्या हर Geyser में खतरा होता है? — एक अनुभवी दृष्टिकोण
सीधा और ईमानदार जवाब है — नहीं, हर Geyser अपने आप में खतरनाक नहीं होता। खतरा Geyser से नहीं, बल्कि उसके इंस्टॉलेशन, सुरक्षा सिस्टम और उपयोग के तरीके से पैदा होता है। वर्षों के फील्ड-अनुभव और electrical safety standards यही बताते हैं कि सही व्यवस्थाओं के साथ जोखिम को काफ़ी हद तक कम किया जा सकता है, लेकिन पूरी तरह शून्य नहीं किया जा सकता।
अगर नीचे दी गई सभी चीज़ें सही हों, तो Electric Shock का खतरा न्यूनतम स्तर तक आ जाता है:
- Proper Earthing: सही earthing leakage current को सुरक्षित रूप से ज़मीन में भेज देती है, जिससे करंट शरीर तक नहीं पहुँचता।
- Working RCCB (30mA): वैज्ञानिक रूप से 30 milliamp से ऊपर का leakage current मानव शरीर के लिए खतरनाक माना जाता है। RCCB इसी सीमा पर milliseconds में बिजली काट देती है।
- Branded Geyser: मानक कंपनियाँ बेहतर insulation, quality heating element और safety testing का पालन करती हैं, जिससे internal failure की संभावना कम होती है।
- Correct Wiring Size: सही gauge की wiring heat और load को सहन कर पाती है, जिससे insulation breakdown और leakage current का जोखिम घटता है।
इन सभी सुरक्षा उपायों के बावजूद, 100% Safe शब्द तकनीकी रूप से सही नहीं माना जा सकता। वजह साफ है — बिजली और पानी का संयोजन मूल रूप से जोखिम भरा होता है, और समय के साथ किसी भी electrical component में wear-and-tear आना स्वाभाविक है।
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Geyser Electric Shock Prevention — खतरा उपकरण से नहीं, सिस्टम से जुड़ा है
यह समझना ज़रूरी है कि गीजर से नहीं, बल्कि गलत व्यवस्था से खतरा पैदा होता है। हर प्रकार के Geyser — चाहे वह Electric हो या Gas — किसी न किसी तरह का जोखिम रखते हैं, लेकिन दोनों के खतरे अलग-अलग प्रकृति के होते हैं।
- Electric Geyser में: मुख्य खतरा electric shock, current leakage और over-heating से जुड़ा होता है, जो सीधे electrical safety पर निर्भर करता है।
- Gas Geyser में: वैज्ञानिक रूप से बड़ा खतरा कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) का होता है। यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, और बंद बाथरूम में ऑक्सीजन की कमी तथा दम घुटने का कारण बन सकती है।
अनुभव यही कहता है कि सही इंस्टॉलेशन, नियमित सर्विसिंग (मेंटेनेंस) और सुरक्षा मानकों का पालन करने पर इन दोनों प्रकार के Geyser को काफी हद तक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
Geyser इस्तेमाल करने का सबसे सुरक्षित तरीका — विशेषज्ञों और विज्ञान की सलाह
Geyser का सुरक्षित उपयोग किसी एक नियम पर नहीं, बल्कि बिजली के सिद्धांत, तापमान नियंत्रण और नियमित मेंटेनेंस के संतुलन पर आधारित होता है। अनुभवी इलेक्ट्रिशियन और सेफ्टी इंजीनियर एक बात पर हमेशा सहमत होते हैं—गीजर से आराम तभी सुरक्षित है, जब सुरक्षा को पहली प्राथमिकता दी जाए।

नीचे दिए गए तरीके वास्तविक अनुभव, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स और वैज्ञानिक समझ पर आधारित हैं।
नहाने से पहले Geyser OFF करना — सबसे सुरक्षित तरीका
पानी गर्म हो जाने के बाद गीजर का मेन स्विच बंद करना विशेषज्ञों द्वारा सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा नियम माना जाता है। इसका वैज्ञानिक कारण यह है कि जैसे ही बिजली की सप्लाई कटती है, leakage current का स्रोत समाप्त हो जाता है। बाथरूम में मौजूद नमी और पानी करंट को तेज़ी से फैलाते हैं, इसलिए गीजर ON रहते हुए नहाना जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। अनुभवी तकनीशियन हमेशा सलाह देते हैं कि गर्म पानी तैयार होने के बाद ही नहाना शुरू किया जाए।
नहाते समय Switch और Plug से दूरी — शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा
नहाते समय गीले हाथों या पैरों से किसी भी switch या plug को छूना खतरनाक होता है। विज्ञान के अनुसार, गीली त्वचा का electrical resistance बहुत कम हो जाता है, जिससे मामूली करंट भी गंभीर shock में बदल सकता है। इसलिए बाथरूम में रहते हुए electrical controls से दूरी बनाए रखना एक आवश्यक सुरक्षा आदत है।
लंबे समय तक बिना निगरानी Geyser ON रखना — छुपा हुआ खतरा
गीजर को लंबे समय तक चालू छोड़ने से heating element पर लगातार दबाव पड़ता है। वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो लगातार गर्मी insulation को कमजोर कर देती है, जिससे current leakage और overheating का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि विशेषज्ञ गीजर को केवल जरूरत के समय ही चालू रखने की सलाह देते हैं।
क्षतिग्रस्त केबल और Wiring — हादसों की शुरुआती वजह
टूटी, जली या पुरानी wiring बिजली को असुरक्षित रास्ता देती है। बाथरूम की नमी इस खतरे को और बढ़ा देती है। फील्ड अनुभव से यह साफ है कि अधिकतर electric shock की घटनाओं की जड़ खराब केबल या सॉकेट ही होती है, इसलिए किसी भी तरह की क्षति को तुरंत ठीक कराना जरूरी है।
वोल्टेज नियंत्रण — Heating Element की सुरक्षा
बिजली के उतार-चढ़ाव से heating coil को नुकसान पहुँच सकता है। स्टेबलाइज़र या वोल्टेज करेक्टर सटीक वोल्टेज बनाए रखते हैं, जिससे coil पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता। वैज्ञानिक रूप से स्थिर वोल्टेज न केवल सुरक्षा बढ़ाता है, बल्कि गीजर की कार्यक्षमता और जीवनकाल को भी बेहतर बनाता है।
नियमित मेंटेनेंस और टैंक की जाँच — छुपे जोखिमों से बचाव
हर 6–8 महीने में टैंक की सफाई, जंग और leakage की जाँच आवश्यक है। जंग लगी धातु बिजली के व्यवहार को बदल सकती है और leakage का खतरा पैदा कर सकती है। अनुभवी विशेषज्ञ मानते हैं कि नियमित सर्विसिंग बड़े हादसों को पहले ही रोक सकती है।
नमी से दूरी और सुरक्षित तापमान — शरीर और मशीन दोनों की रक्षा
गीजर और उसके आसपास का क्षेत्र सूखा रखना short-circuit से बचाव करता है। साथ ही, थर्मोस्टेट को 40–50°C के आरामदायक तापमान पर रखना वैज्ञानिक रूप से सुरक्षित माना जाता है। अत्यधिक गर्म पानी न केवल त्वचा के लिए खतरनाक होता है, बल्कि टैंक पर अतिरिक्त दबाव भी डालता है।
सुरक्षा को आदत बनाना ही समझदारी है
गीजर का सही उपयोग केवल आराम के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा के प्रति जागरूकता का विषय है। अनुभवी लोगों और विज्ञान—दोनों की राय यही है कि नहाने से पहले गीजर बंद करना, सही electrical सुरक्षा अपनाना और नियमित जाँच कराना ही दुर्घटनाओं से बचने का सबसे भरोसेमंद तरीका है।
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Shock आने के शुरुआती संकेत — अनुभव और विज्ञान की स्पष्ट चेतावनी (Ignore न करें)
Electric shock कभी भी बिना चेतावनी नहीं आता। वर्षों के फील्ड-अनुभव और इलेक्ट्रिकल जांच यह साबित करती है कि गीजर से जुड़े गंभीर हादसों से पहले कुछ शुरुआती संकेत ज़रूर दिखाई देते हैं। समस्या यह नहीं है कि संकेत नहीं होते, समस्या यह है कि लोग उन्हें सामान्य समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। नीचे दिए गए संकेत वैज्ञानिक कारणों पर आधारित हैं और इन्हें कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
पानी में झनझनाहट महसूस होना — Leakage Current का पहला संकेत
अगर नहाते समय या पानी छूते ही सुई चुभने जैसी झनझनाहट महसूस हो, तो यह साफ संकेत है कि पानी में leakage current मौजूद है। विज्ञान के अनुसार, पानी में घुले हुए लवण (salts) बिजली को conduct करते हैं, जिससे हल्का करंट भी त्वचा तक पहुँच जाता है। यह स्थिति बताती है कि earthing या heating element में समस्या शुरू हो चुकी है।
नल या बाल्टी छूने पर करंट लगना — Metal Conduction का खतरा
नल, बाल्टी या शॉवर आमतौर पर धातु (metal) के होते हैं, जो बिजली के अच्छे conductor होते हैं। अगर इन्हें छूते समय करंट महसूस हो, तो इसका मतलब है कि current पानी से होते हुए metal तक पहुँच रहा है। अनुभव के आधार पर यह स्थिति बेहद खतरनाक मानी जाती है, क्योंकि अगला झटका कहीं ज़्यादा तेज़ हो सकता है।
Geyser से Unusual आवाज़ आना — Internal Fault की चेतावनी
गीजर से सामान्य से अलग आवाज़ें आना, जैसे crackling या buzzing, अक्सर short circuit या insulation breakdown की ओर इशारा करता है। वैज्ञानिक रूप से यह आवाज़ें तब आती हैं जब बिजली गलत रास्ते से बहने लगती है। यह एक शुरुआती चेतावनी होती है कि अंदरूनी सिस्टम सुरक्षित स्थिति में नहीं है।
MCB का बार-बार Trip होना — सिस्टम खुद को बचाने की कोशिश कर रहा है
MCB का काम ही यही होता है कि खतरे की स्थिति में बिजली काट दे। अगर MCB बार-बार trip हो रही है, तो इसका मतलब है कि कहीं न कहीं overload या leakage current मौजूद है। अनुभवी इलेक्ट्रिशियन इसे एक मजबूत चेतावनी मानते हैं, न कि छोटी तकनीकी समस्या।
इनमें से कोई भी संकेत दिखे तो तुरंत गीजर बंद करें और बिजली की सप्लाई काट दें। यह मानकर चलें कि सिस्टम आपको पहले ही खतरे का संकेत दे रहा है। ऐसे मामलों में खुद से प्रयोग करने के बजाय प्रमाणित electrician को बुलाना ही सबसे सुरक्षित और वैज्ञानिक कदम होता है। याद रखें, शुरुआती संकेतों को समय पर समझ लेना ही बड़े हादसे से बचने का सबसे भरोसेमंद तरीका है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. क्या Instant Geyser ज्यादा खतरनाक होता है?
हाँ, Instant Geyser कुछ मामलों में ज्यादा खतरनाक माना जा सकता है क्योंकि यह high current पर तुरंत पानी को गर्म करता है। वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो, जितना अधिक करंट फ्लो होता है, उतना ही electrical system पर दबाव बढ़ता है और किसी भी छोटी सी खराबी या insulation fault के कारण leakage current का खतरा तुरंत उत्पन्न हो जाता है। इसके अलावा, Instant Geyser का heating element बिना टैंक के सीधे पानी को गर्म करता है, इसलिए यदि proper earthing, RCCB और wiring सही नहीं हो, तो electric shock का जोखिम conventional storage Geyser की तुलना में तेज़ और गंभीर हो सकता है।
2. Plastic बाल्टी से नहाने पर Geyser से shock नहीं लगेगा?
यह बिल्कुल गलत धारणा है। Electric shock पानी के माध्यम से शरीर तक पहुँचता है, और इस प्रक्रिया में बाल्टी या शॉवर का material मायने नहीं रखता। चाहे बाल्टी प्लास्टिक की हो या धातु की, अगर पानी में leakage current मौजूद है और आपका शरीर गीला है, तो करंट सीधे आपके शरीर तक पहुँच सकता है। वैज्ञानिक दृष्टि से, गीली त्वचा low resistance conductor का काम करती है, जिससे हल्का करंट भी झटका दे सकता है। इसलिए केवल प्लास्टिक बाल्टी का उपयोग करना सुरक्षा की गारंटी नहीं देता; सबसे जरूरी है कि proper earthing, RCCB और गीजर की नियमित जाँच की जाए।
3. क्या modern geyser में Safety features होने पर भी खतरा नहीं रहता?
नहीं, Modern Geyser में thermostat, auto cut‑off और pressure relief जैसी advanced safety features होने के बावजूद खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता। वैज्ञानिक और अनुभवजन्य रूप से देखा जाए तो, अगर installation सही नहीं है, wiring ढीली है या internal parts जंग लगे हैं, तो ये सुरक्षा तंत्र पूरी तरह काम नहीं कर पाते। ऐसे हालात में leakage current या overpressure के कारण electric shock या equipment failure का जोखिम बना रहता है। इसलिए modern Geyser में safety features होने के बावजूद, सही इंस्टॉलेशन, earthing, RCCB और नियमित मेंटेनेंस जरूरी है, ताकि सुरक्षा की वास्तविक गारंटी मिल सके।
4. क्या गीजर को लगातार 24 घंटे ON रखकर चलाना सुरक्षित है?
नहीं, गीजर को लगातार 24 घंटे ON रखना सुरक्षित नहीं है। वैज्ञानिक और तकनीकी दृष्टि से देखा जाए तो, लगातार बिजली देने से heating element, thermostat और अन्य internal parts पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे insulation कमजोर हो सकती है, overheat होने का खतरा बढ़ जाता है और leakage current पैदा हो सकता है। अनुभव भी यही दिखाता है कि लंबे समय तक ON रहने वाले गीजर में electric shock और अन्य गंभीर electrical hazards का जोखिम काफी बढ़ जाता है। इसलिए गीजर को केवल जरूरत के समय चालू रखना और इस्तेमाल के बाद तुरंत बंद करना ही सुरक्षित तरीका है।
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