आज के आधुनिक Industrial Automation Systems जैसे कि CNC मशीनें, Robotics, Servo Motor Drives और PLC आधारित Control Systems में किसी भी मशीन या मोटर की Exact Positioning अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विशेष रूप से ऐसे Applications में जहाँ माइक्रोन लेवल तक की सटीकता (High Precision) आवश्यक होती है, वहाँ Position Feedback System की विश्वसनीयता पूरे सिस्टम के Performance को सीधे प्रभावित करती है।
औद्योगिक वातावरण में Power Failure, Emergency Stop या अचानक System Shutdown जैसी परिस्थितियाँ सामान्य हैं। ऐसे में यदि Power Off होने के बाद मशीन की वास्तविक Position की जानकारी नष्ट हो जाए, तो दोबारा System Start करते समय Reference Homing की आवश्यकता पड़ती है, जिससे समय, ऊर्जा और उत्पादन तीनों का नुकसान होता है। इसी समस्या का प्रभावी समाधान Absolute Encoder प्रदान करता है।
Absolute Encoder क्या होता है, यह समझना इसलिए आवश्यक है क्योंकि यह एक ऐसा Advanced Position Sensor है जो किसी घूमने वाली Shaft की Exact Angular Position को हर समय सुरक्षित रखता है। Power On हो या Power Off, Absolute Encoder अपनी Position Information को कभी नहीं खोता। जैसे ही System को दोबारा Power दी जाती है, Controller को तुरंत वास्तविक Position का सटीक Data उपलब्ध हो जाता है, बिना किसी Re-homing Process के।
इसी विशेषता के कारण Absolute Encoder का उपयोग उन High-Precision, Safety-Critical और Mission-Critical Applications में किया जाता है जहाँ Accuracy, Reliability और System Uptime सबसे अधिक महत्वपूर्ण होते हैं। आधुनिक Automation Industry में इसकी भूमिका केवल एक Sensor तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे Motion Control System की Stability और Efficiency को सुनिश्चित करता है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि Absolute Encoder क्या होता है, यह कैसे कार्य करता है, इसके विभिन्न प्रकार, प्रमुख उपयोग, इसके फायदे और सीमाएँ तथा किसी Application के लिए सही Absolute Encoder का चयन कैसे किया जाए।
Table of Contents
Absolute Encoder क्या होता है?
Absolute Encoder एक अत्यधिक सटीक (High-Precision) Rotary Position Sensor होता है, जिसे किसी मोटर या घूमने वाली शाफ्ट की हर एक कोणीय स्थिति (Angular Position) को बिल्कुल सही तरीके से पहचानने और याद रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक विशेषता यह है कि शाफ्ट की हर Position के लिए एक अलग और यूनिक Digital Code (जैसे Binary या Gray Code) पहले से निर्धारित होता है।
सरल शब्दों में समझें तो Absolute Encoder शाफ्ट की स्थिति को “गिनता” नहीं है, बल्कि सीधे पहचानता (Identifies) है। यही कारण है कि यह Power On या Power Off की स्थिति से प्रभावित नहीं होता।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो Absolute Encoder के अंदर एक Encoded Disc होती है, जिस पर अलग-अलग पैटर्न बने होते हैं। जब शाफ्ट घूमती है, तो ये पैटर्न Sensor के माध्यम से पढ़े जाते हैं और हर कोणीय स्थिति पर एक निश्चित Digital Output उत्पन्न होता है। यह Output स्वयं में ही उस Position की पूरी जानकारी समाहित करता है। इसलिए Controller को यह जानने के लिए किसी शुरुआती Reference Point या Homing प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं पड़ती।
Absolute Encoder की सबसे बड़ी व्यावहारिक विशेषता यह है कि Power Failure के बाद भी Position Data सुरक्षित रहता है। जैसे ही System को दोबारा Power दी जाती है, Controller को तुरंत मोटर या शाफ्ट की वास्तविक Position मिल जाती है। यह गुण इसे उन Applications के लिए अनिवार्य बना देता है जहाँ Accuracy, Safety और Time Efficiency अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
इसके विपरीत, Incremental Encoder केवल शाफ्ट की Relative Movement की जानकारी देता है। Power बंद होते ही उसका Position Data समाप्त हो जाता है और System को दोबारा शुरू करने पर Homing या Reset करना पड़ता है। यही मूलभूत अंतर Absolute Encoder को तकनीकी रूप से अधिक Advanced और विश्वसनीय बनाता है।
इसी कारण से Absolute Encoder का उपयोग Robotics, CNC Machines, Servo Drives और Advanced Automation Systems में किया जाता है, जहाँ माइक्रोन स्तर की सटीक Positioning और तुरंत Feedback आवश्यक होता है। वैज्ञानिक रूप से कहें तो यह Sensor Motion Control System को Deterministic, Stable और Predictable बनाता है, जो आधुनिक Automation की बुनियाद है।
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Absolute Encoder का कार्य (Working Principle)
Absolute Encoder का कार्य सिद्धांत पूरी तरह से वैज्ञानिक रूप से परिभाषित Coded Disc और Sensor Array के समन्वय पर आधारित होता है। इसका मूल उद्देश्य शाफ्ट की हर एक कोणीय स्थिति को सीधे पहचानना और उसे एक Unique Digital Identity के रूप में Control System तक पहुँचाना होता है।
कार्य को चरणबद्ध और सरल भाषा में समझते हैं:
सबसे पहले, Absolute Encoder को मोटर या मशीन की Shaft से यांत्रिक रूप से जोड़ा जाता है। जैसे ही शाफ्ट घूमती है, Encoder के भीतर स्थित Coded Disc भी उसी अनुपात में घूमती है। यह Disc सामान्य Disc नहीं होती, बल्कि इस पर विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए Encoded Patterns बने होते हैं। ये Patterns इस तरह व्यवस्थित होते हैं कि शाफ्ट के हर Angle के लिए एक अलग Digital Combination बनती है।

वैज्ञानिक दृष्टि से, Disc पर बने ये Patterns Binary या Gray Code Logic पर आधारित होते हैं। इसका अर्थ यह है कि हर कोणीय स्थिति को 0 और 1 के एक निश्चित संयोजन से दर्शाया जाता है। यह संयोजन उस Position की पहचान स्वयं में समाहित करता है, इसलिए किसी बाहरी Reference या Previous Data की आवश्यकता नहीं होती।
अब बात आती है Sensors की। Absolute Encoder में उपयोग किए जाने वाले Sensors मुख्य रूप से दो प्रकार के हो सकते हैं—Optical Sensors या Magnetic (Hall Effect) Sensors।
- Optical Encoder में Disc पर बने Patterns प्रकाश को रोकते या गुजरने देते हैं।
- Magnetic Encoder में Disc या Ring पर बने चुंबकीय पैटर्न को Hall Sensors Detect करते हैं।
जब Disc घूमती है, तो Sensor Array इन Patterns को एक साथ पढ़ता है और हर स्थिति के लिए एक Exact Digital Code उत्पन्न करता है।
यह Digital Code सीधे Encoder के Output Interface के माध्यम से Controller या PLC तक भेज दिया जाता है। Controller इस Code को पढ़कर तुरंत यह समझ लेता है कि शाफ्ट इस समय किस Angle पर स्थित है। चूँकि यह Code स्वयं उस Position को परिभाषित करता है, इसलिए इसे Absolute Position Feedback कहा जाता है।
Absolute Encoder की वैज्ञानिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि Power Loss के बाद भी Position Information सुरक्षित रहती है। जैसे ही System दोबारा Power On होता है, Sensor तुरंत वर्तमान Disc Pattern को पढ़ लेता है और बिना किसी Homing या Reset प्रक्रिया के सही Position उपलब्ध करा देता है। यह गुण इसे Incremental Encoder से मूल रूप से अलग और तकनीकी रूप से अधिक उन्नत बनाता है।
Absolute Encoder का कार्य सिद्धांत शाफ्ट की गति को गिनने पर नहीं, बल्कि हर Position को पहचानने और सत्यापित Digital Code में बदलने पर आधारित होता है। यही वैज्ञानिक आधार इसे High-Precision और Critical Motion Control Systems के लिए अत्यंत विश्वसनीय बनाता है।
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Absolute Encoder के मुख्य भाग (Main Components Of Absolute Encoder)
Absolute Encoder की विश्वसनीयता और उच्च सटीकता इसके अंदर मौजूद सुव्यवस्थित और वैज्ञानिक रूप से डिज़ाइन किए गए घटकों पर निर्भर करती है। हर Component का एक निश्चित तकनीकी कार्य होता है और सभी मिलकर शाफ्ट की सटीक Absolute Position को Digital Signal में परिवर्तित करते हैं। एक अनुभवी दृष्टिकोण से देखें तो Absolute Encoder की कार्यक्षमता उसके Components की गुणवत्ता और आपसी समन्वय का प्रत्यक्ष परिणाम होती है।

नीचे इसके मुख्य भागों को सरल और वैज्ञानिक तरीके से समझाया गया है:
1. Shaft / Hollow Shaft
Shaft Absolute Encoder का Mechanical Interface होता है, जो सीधे मोटर या मशीन की घूमने वाली शाफ्ट से जुड़ा रहता है। Shaft-Type Encoder में ठोस Shaft होता है, जबकि Hollow Shaft Encoder सीधे मशीन शाफ्ट पर फिट हो जाता है। इसका कार्य वास्तविक घूर्णन (Rotation) को बिना स्लिप के Encoder के अंदर तक पहुँचाना होता है, ताकि Position Measurement में कोई त्रुटि न आए।
2. Coded Disc (Binary / Gray Code)
Coded Disc को Absolute Encoder का “हृदय” कहा जा सकता है। इस Disc पर विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए Encoded Patterns होते हैं—ऑप्टिकल Encoder में पारदर्शी और अपारदर्शी खंड, जबकि मैग्नेटिक Encoder में चुंबकीय ध्रुव।
वैज्ञानिक रूप से ये पैटर्न इस तरह बनाए जाते हैं कि शाफ्ट की हर एक कोणीय स्थिति के लिए एक Unique Binary या Gray Code प्राप्त हो। Gray Code का उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि Transition Error न्यूनतम रहे और Signal अधिक स्थिर रहे।
3. Sensors (Optical / Magnetic)
Sensors Disc पर बने पैटर्न को Detect करने का कार्य करते हैं।
- Optical Encoder में LED या Light Source से निकलने वाला प्रकाश Disc से होकर गुजरता है और Photodetectors इसे पढ़ते हैं।
- Magnetic Encoder में Hall Effect Sensors Disc या Ring पर बने चुंबकीय पैटर्न को पहचानते हैं।
Sensors का वैज्ञानिक उद्देश्य Disc की स्थिति को विद्युत संकेत (Electrical Signal) में बदलना होता है।
4. Signal Processing Circuit (ASIC / Processing Unit)
Sensor से प्राप्त Raw Signals सीधे उपयोग योग्य नहीं होते। इन्हें Signal Processing Circuit द्वारा Filter, Interpret और Encode किया जाता है। यह Circuit सभी Sensor Outputs को मिलाकर एक सटीक और स्थिर Absolute Digital Code बनाता है।
यहीं पर Noise Reduction, Error Correction और Code Validation जैसे वैज्ञानिक Process होते हैं, जिससे Output अत्यंत विश्वसनीय बनता है।
5. Communication Interface
यह भाग तैयार Digital Position Data को Controller, PLC या Drive तक पहुँचाने का माध्यम होता है। Communication Interface यह सुनिश्चित करता है कि Position Information बिना किसी Delay या Data Loss के System तक पहुँचे। यही Interface Encoder को पूरे Automation System से जोड़ता है।
6. Housing (आवास)
Housing सभी आंतरिक Components को धूल, नमी, कंपन और तापमान जैसे औद्योगिक प्रभावों से सुरक्षित रखता है। एक मजबूत Housing Encoder की Long-Term Accuracy और Reliability बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
Absolute Encoder के ये सभी मुख्य भाग मिलकर एक ऐसा वैज्ञानिक और यांत्रिक संतुलन बनाते हैं, जिससे हर बार Power On होते ही शाफ्ट की Exact Absolute Position तुरंत और बिना किसी Reference प्रक्रिया के उपलब्ध हो जाती है। यही संरचना इसे High-Precision Automation Systems के लिए अत्यंत भरोसेमंद बनाती है।
Absolute Encoder के प्रकार (Types of Absolute Encoder)

1. Single-Turn Absolute Encoder
Single-Turn Absolute Encoder शाफ्ट के केवल एक पूर्ण घूर्णन, अर्थात् 0° से 360° के भीतर की सटीक स्थिति बताता है। इस Encoder में हर कोणीय स्थिति के लिए एक यूनिक डिजिटल कोड पहले से निर्धारित होता है, जिससे Power Off होने के बाद भी उस Angle की जानकारी सुरक्षित रहती है। वैज्ञानिक रूप से यह Encoder शाफ्ट की स्थिति को पहचानता है, गिनता नहीं है, इसलिए किसी Homing प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती। सरल संरचना और स्थिर प्रदर्शन के कारण इसका उपयोग Valve Positioning, Robotic Joints और Turntable Systems में व्यापक रूप से किया जाता है।
2. Multi-Turn Absolute Encoder
Multi-Turn Absolute Encoder उन Applications के लिए डिज़ाइन किया गया है जहाँ शाफ्ट कई चक्कर लगाती है और केवल Angle ही नहीं, बल्कि कुल Turns की जानकारी भी आवश्यक होती है। यह Encoder आंतरिक Gear Mechanism या Electronic Counter के माध्यम से हर Rotation को रिकॉर्ड करता है और Power Loss के बाद भी यह डेटा सुरक्षित रखता है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह Encoder Current Angle और Total Rotation दोनों को Absolute रूप में संग्रहीत करता है, जिससे CNC Machine Axes, Elevator Systems और Industrial Robotics जैसे High-End Applications में अत्यंत विश्वसनीय Position Feedback मिलता है।
3. Optical Absolute Encoder
Optical Absolute Encoder प्रकाश आधारित तकनीक पर कार्य करता है, जिसमें LED और Photodetectors का उपयोग किया जाता है। इसके अंदर मौजूद Coded Disc पर बने पारदर्शी और अपारदर्शी पैटर्न से गुजरने वाले प्रकाश को Sensors पढ़ते हैं और उसे Digital Code में परिवर्तित करते हैं। इस विधि से अत्यधिक उच्च Resolution और Accuracy प्राप्त होती है, जो वैज्ञानिक रूप से सूक्ष्म कोणीय परिवर्तन को भी स्पष्ट रूप से पहचानने में सक्षम होती है। हालांकि, यह तकनीक धूल और तेल जैसे पर्यावरणीय प्रभावों के प्रति संवेदनशील हो सकती है।
4. Magnetic Absolute Encoder
Magnetic Absolute Encoder चुंबकीय क्षेत्र के सिद्धांत पर आधारित होता है और इसमें Magnetic Disc तथा Hall Effect Sensors का उपयोग किया जाता है। जब शाफ्ट घूमती है, तो चुंबकीय पैटर्न Sensors में विद्युत संकेत उत्पन्न करते हैं, जिन्हें सटीक Digital Position Data में बदला जाता है। यह तकनीक वातावरण से कम प्रभावित होती है और धूल, तेल व कंपन जैसी औद्योगिक परिस्थितियों में भी स्थिर प्रदर्शन देती है। यद्यपि इसका Resolution Optical Encoder की तुलना में मध्यम होता है, लेकिन इसकी Robustness और लंबी आयु इसे Industrial Automation के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है।
Absolute Encoder के Output और Communication Protocols
Absolute Encoder का Output मूल रूप से एक Digital Position Code होता है, जो शाफ्ट की सटीक कोणीय स्थिति को सीधे दर्शाता है। Incremental Encoder की तरह यह केवल Pulse नहीं देता, बल्कि हर Position के लिए एक निश्चित Bit Pattern उत्पन्न करता है। यह Digital Output Power On होते ही उपलब्ध हो जाता है, क्योंकि इसमें Position की जानकारी स्वयं कोड के भीतर ही निहित होती है। वैज्ञानिक रूप से यह Output जितने अधिक Bits का होता है, Encoder की Resolution उतनी ही अधिक होती है, जिससे अत्यंत सूक्ष्म Position परिवर्तन को भी सटीक रूप से पहचाना जा सकता है।
Binary Output
Binary Output में Absolute Encoder शाफ्ट की Position को सीधे Binary Bits (0 और 1) के रूप में प्रस्तुत करता है। हर Bit एक निश्चित Angular Weight को दर्शाता है और सभी Bits मिलकर पूरी Position Information बनाते हैं। यह Output Logic को समझने में सरल होता है, लेकिन एक Angle से दूसरे Angle पर जाते समय कई Bits एक साथ बदल सकते हैं, जिससे Noise या Transition Error की संभावना बढ़ सकती है।
Gray Code Output
Gray Code Output को वैज्ञानिक रूप से इसलिए अपनाया जाता है ताकि Transition Error को न्यूनतम किया जा सके। इसमें एक समय पर केवल एक Bit बदलती है, जिससे Position Change के दौरान गलत Data पढ़े जाने की संभावना बहुत कम हो जाती है। यही कारण है कि High-Reliability और Safety-Critical Systems में Gray Code Output को प्राथमिकता दी जाती है।
Communication Protocols
SSI (Synchronous Serial Interface)
SSI एक Point-to-Point, Synchronous Serial Communication Protocol है, जिसमें Controller Clock Signal भेजता है और Encoder उसी Clock के साथ Position Data Transmit करता है। इसकी संरचना सरल, स्थिर और Noise-Resistant होती है, इसलिए यह Industrial Automation में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले Absolute Encoder Protocols में से एक है।
CANopen
CANopen एक Fieldbus आधारित Communication Protocol है, जो एक ही Network पर कई Devices को जोड़ने की सुविधा देता है। Absolute Encoder इसमें Node के रूप में कार्य करता है और Position Data को Structured Format में भेजता है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह Protocol Deterministic Communication प्रदान करता है, जिससे Multi-Axis Motion Control Systems में Synchronization बेहतर होता है।
Profibus
Profibus एक Mature और Industrial-Grade Communication Standard है, जिसे बड़े Automation Systems में व्यापक रूप से अपनाया गया है। Absolute Encoder Profibus के माध्यम से तेज़ और विश्वसनीय तरीके से Position Information Controller तक भेजता है। इसकी विशेषता यह है कि यह लंबी दूरी और कठिन औद्योगिक वातावरण में भी स्थिर Communication बनाए रखता है।
EtherCAT
EtherCAT एक High-Speed Industrial Ethernet Protocol है, जो Real-Time और अत्यंत कम Latency Communication प्रदान करता है। इसमें Position Data लगभग बिना Delay के Controller तक पहुँचता है, जिससे High-Precision और High-Dynamic Motion Control संभव हो पाता है। वैज्ञानिक रूप से EtherCAT Distributed Systems में Time Synchronization को अत्यंत सटीक बनाता है, जो Advanced Robotics और CNC Applications के लिए आवश्यक है।
Absolute Encoder का Digital Output और उसके Communication Protocols मिलकर Position Data को न केवल सटीक बनाते हैं, बल्कि उसे Control System तक तेज़, सुरक्षित और विश्वसनीय रूप से पहुँचाने का कार्य भी करते हैं। यही कारण है कि आधुनिक Automation और Robotics Systems में इन Protocols का चयन अत्यंत सोच-समझकर किया जाता है।
Absolute Encoder की Resolution क्या होती है?
Absolute Encoder की Resolution यह निर्धारित करती है कि Encoder Position को कितनी सूक्ष्मता और सटीकता से माप सकता है, और यही गुण इसे Advanced Automation और Precision Motion Control Systems के लिए अनिवार्य बनाता है।

Absolute Encoder की Resolution का अर्थ
Absolute Encoder की Resolution यह बताती है कि Encoder शाफ्ट के एक पूर्ण घूर्णन (360°) को कितनी अलग-अलग और स्पष्ट Positions में विभाजित कर सकता है। दूसरे शब्दों में, यह उस सबसे छोटे कोणीय परिवर्तन को दर्शाती है जिसे Encoder विश्वसनीय रूप से पहचान सकता है। Resolution जितनी अधिक होती है, Position Measurement उतनी ही सूक्ष्म और सटीक होती है।
Bits और Resolution का वैज्ञानिक संबंध
Absolute Encoder में हर Position को एक Unique Digital Code द्वारा दर्शाया जाता है, और इन Codes की कुल संख्या को Bits के रूप में व्यक्त किया जाता है। गणितीय रूप से Resolution =2ⁿ होती है, जहाँ n Encoder के Bits की संख्या है। यह सीधा संकेत देता है कि Bits बढ़ने पर Encoder अधिक सूक्ष्म Angular Steps को पहचानने में सक्षम हो जाता है।
Absolute Encoder की Resolution के उदाहरण
यदि कोई Encoder 12-bit का है, तो वह एक Rotation में 2¹²=4096 अलग-अलग Positions को पहचान सकता है। इसी तरह, 16-bit Encoder 2¹⁶=65536 Unique Positions प्रदान करता है। इसका अर्थ यह है कि 16-bit Encoder शाफ्ट की Position को कहीं अधिक बारीकी से माप सकता है।
Resolution और Accuracy का संबंध
वैज्ञानिक रूप से Resolution सीधे Encoder की Accuracy को प्रभावित करती है। उच्च Resolution का अर्थ है कि हर Angular Step छोटा होगा, जिससे Position Error कम होगी और Motion Control अधिक Smooth और Stable बनेगा। यही कारण है कि High-Precision Applications में उच्च-Resolution Absolute Encoder का उपयोग किया जाता है।
Absolute Encoder की Resolution का व्यावहारिक महत्व
Absolute Encoder में Resolution इसलिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि यही तय करती है कि सिस्टम शाफ्ट की स्थिति को कितनी विश्वसनीयता और स्पष्टता से पहचान पाएगा। Resolution जितनी अधिक होगी, Controller को उतना ही अधिक Detailed और Accurate Position Data मिलेगा।
Absolute Encoder के उपयोग (Applications)
इस अनुभाग में हम यह समझेंगे कि Absolute Encoder का उपयोग किन-किन क्षेत्रों और प्रणालियों में किया जाता है। यहाँ Industrial Automation से लेकर Robotics, CNC Machines, Motor Control और Infrastructure Systems तक, उन सभी प्रमुख Applications पर चर्चा की जाएगी जहाँ सटीक और विश्वसनीय Position Information की आवश्यकता होती है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि अलग-अलग Systems में Absolute Encoder क्यों और कैसे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Industrial Automation
Industrial Automation Systems में Absolute Encoder का उपयोग मशीनों और प्रक्रियाओं की सटीक Position Monitoring के लिए किया जाता है। Conveyor Belts, Assembly Lines और Automated Production Units में यह Encoder Power Failure के बाद भी वास्तविक Position बनाए रखता है, जिससे सिस्टम को दोबारा शुरू करते समय Recalibration की आवश्यकता नहीं होती। वैज्ञानिक रूप से यह उत्पादन प्रक्रिया को अधिक Stable, Repeatable और Efficient बनाता है।
CNC Machine Axis Control
CNC Machines में Tool और Workpiece की Position माइक्रोन स्तर तक सटीक होनी चाहिए। Absolute Encoder Axis की वास्तविक स्थिति को सीधे Digital रूप में प्रदान करता है, जिससे Power Cycle के बाद भी Machine अपनी सही Position पहचान लेती है। यह विशेषता Machining Accuracy, Surface Finish और Overall Quality को बेहतर बनाती है।
PLC Based Positioning System
PLC आधारित Positioning Systems में Absolute Encoder विश्वसनीय Position Feedback प्रदान करता है। चूँकि Encoder हर समय Absolute Position देता है, PLC को किसी Reference Point या Homing Cycle की आवश्यकता नहीं होती। यह वैज्ञानिक रूप से System Response Time को कम करता है और Control Logic को अधिक सरल और सटीक बनाता है।
Motor Control और Servo Motor Feedback
Motor और Servo Drive Systems में Absolute Encoder वास्तविक Shaft Position और Angular Movement की सटीक जानकारी देता है। इससे Closed-Loop Control अधिक Stable बनता है और Overshoot या Position Error कम होती है। High-Precision Drives में यह Encoder Motion को Smooth और Predictable बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Robotics (Robotic Arm और Pick-and-Place Systems)
Robotics में हर Joint की सटीक Position जानना अनिवार्य होता है। Absolute Encoder Robotic Arm के प्रत्येक Joint की वास्तविक स्थिति को लगातार Track करता है, जिससे Motion अत्यंत सटीक और दोहराने योग्य (Repeatable) बनता है। Pick-and-Place Machines में यह Precision और Speed दोनों को संतुलित करता है।
Infrastructure Systems (Elevator और Wind Turbine)
Elevator Systems में Absolute Encoder Floor Position को सुरक्षित और सटीक रूप से पहचानता है, जिससे Passenger Safety और Smooth Operation सुनिश्चित होती है। Wind Turbine Systems में यह Blade Angle और Rotor Position को Monitor करता है, जिससे ऊर्जा उत्पादन अधिक नियंत्रित और कुशल बनता है।
High-Precision और Safety-Critical Applications
Absolute Encoder का उपयोग उन Systems में किया जाता है जहाँ Position Error स्वीकार्य नहीं होती, जैसे Medical Equipment, Surgical Robotics, Aerospace Mechanisms और Scientific Instruments। वैज्ञानिक दृष्टि से यह Encoder Motion Control को Deterministic बनाता है, जो Safety और Reliability के लिए अत्यंत आवश्यक है।
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Absolute Encoder के फायदे (Advantages)
Power Failure के बाद भी Position सुरक्षित
Absolute Encoder की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह Power Loss के बाद भी शाफ्ट की वास्तविक स्थिति को सुरक्षित रखता है। इसका वैज्ञानिक कारण यह है कि हर Position के लिए एक Unique Digital Code पहले से परिभाषित होता है, जो किसी गिनती पर निर्भर नहीं करता। इसलिए सिस्टम दोबारा चालू होते ही Encoder तुरंत सही Position प्रदान करता है।
No Homing Required (री-होमिंग की आवश्यकता नहीं)
Absolute Encoder सीधे Absolute Position बताता है, इसलिए मशीन को Restart करने पर किसी Reference Point या Homing Cycle की जरूरत नहीं पड़ती। इससे Startup Time कम होता है और औद्योगिक सिस्टम अधिक कुशल और समय-संवेदनशील Applications के लिए उपयुक्त बनते हैं।
High Accuracy और Reliability
हर कोणीय स्थिति के लिए अलग Digital Code होने के कारण Absolute Encoder अत्यंत सटीक और दोहराने योग्य (Repeatable) Position Feedback देता है। वैज्ञानिक रूप से यह Measurement को Deterministic बनाता है, जिससे Signal Noise, Data Loss या Position Drift की संभावना न्यूनतम रहती है।
Critical Applications के लिए Best
जहाँ Safety, Precision और System Integrity सर्वोपरि होती है—जैसे Robotics, CNC Machines, Medical Devices और Aerospace Systems—वहाँ Absolute Encoder सबसे विश्वसनीय समाधान माना जाता है। इसकी Instant Feedback और Power-Independent कार्यप्रणाली इसे Mission-Critical Systems के लिए आदर्श बनाती है।
Absolute Encoder के नुकसान (Disadvantages)
Incremental Encoder की तुलना में अधिक महंगा
Absolute Encoder की संरचना जटिल होती है, जिसमें Coded Disc, Multiple Sensors और Signal Processing Circuit शामिल होते हैं। यही जटिलता इसकी लागत को Incremental Encoder की तुलना में अधिक बना देती है।
Circuit और Communication Complex
Absolute Encoder का Output Multi-Bit Digital Data के रूप में होता है, जिसे पढ़ने के लिए SSI, CANopen या Ethernet जैसे Communication Protocols की आवश्यकता होती है। इससे System Design और Integration अपेक्षाकृत अधिक जटिल हो जाती है।
Installation और Overall Cost अधिक
Encoder की कीमत के साथ-साथ Compatible Controller, Interface Modules और Skilled Installation की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त, कुछ प्रकार—विशेषकर Optical Absolute Encoder—धूल, नमी या अत्यधिक कंपन वाले वातावरण में अतिरिक्त सुरक्षा की माँग करते हैं, जिससे कुल Installation Cost बढ़ जाती है।
Absolute Encoder और Incremental Encoder में अंतर
Absolute Encoder और Incremental Encoder दोनों का उपयोग Position और Motion Feedback के लिए किया जाता है, लेकिन इनकी कार्यप्रणाली, Output और व्यवहारिक उपयोग में मौलिक अंतर होता है। इस अनुभाग में हम दोनों Encoders के बीच प्रमुख तकनीकी अंतर को एक सरल और तुलनात्मक तालिका (Table) के माध्यम से समझेंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किस Application के लिए कौन-सा Encoder अधिक उपयुक्त है।
| आधार (Basis) | Absolute Encoder | Incremental Encoder |
|---|---|---|
| Position Memory | Power Off पर भी Position सुरक्षित रहती है | Power Off पर Position Reset हो जाती है |
| Output Type | Unique Digital Code देता है | Pulses (A, B, Z) देता है |
| Startup Behavior | Power On होते ही सही Position उपलब्ध | Power On के बाद Homing आवश्यक |
| Accuracy | High और Repeatable | Medium (गिनती पर निर्भर) |
| Reliability | अधिक, Critical Systems के लिए उपयुक्त | तुलनात्मक रूप से कम |
| System Complexity | Circuit और Communication Complex | Circuit सरल |
| Cost | अधिक | कम |
यह तुलनात्मक अंतर स्पष्ट करता है कि Absolute Encoder उच्च-सटीकता और Safety-Critical Applications के लिए उपयुक्त होता है, जबकि Incremental Encoder सरल और कम लागत वाले Systems में प्रभावी समाधान प्रदान करता है।
Absolute Encoder कैसे चुनें? (Selection Guide)
किसी भी Automation या Motion Control System में सही Absolute Encoder का चयन पूरे सिस्टम की सटीकता, विश्वसनीयता और दीर्घकालिक प्रदर्शन को सीधे प्रभावित करता है। इसलिए Encoder चुनते समय केवल कीमत नहीं, बल्कि Application की तकनीकी और पर्यावरणीय आवश्यकताओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझना आवश्यक होता है। नीचे प्रमुख चयन मानदंडों को सरल और व्यावहारिक रूप में समझाया गया है।
Single-Turn या Multi-Turn का चयन
सबसे पहले यह तय करना आवश्यक है कि आपकी Application में केवल एक Rotation के भीतर Position जानना पर्याप्त है या कई Rotations की जानकारी भी चाहिए। यदि शाफ्ट एक सीमित Angle में काम करती है, तो Single-Turn Absolute Encoder पर्याप्त होता है। लेकिन CNC Axis, Elevator या Linear Motion Systems जैसी Applications में जहाँ कई Turns होते हैं, वहाँ Multi-Turn Absolute Encoder आवश्यक होता है, क्योंकि यह Total Turns और Current Angle दोनों को सुरक्षित रूप से ट्रैक करता है।
Resolution (Bit Level)
Resolution यह निर्धारित करती है कि Encoder Position को कितनी सूक्ष्मता से माप सकता है। वैज्ञानिक रूप से Resolution = 2ⁿ होती है, जहाँ n Bits की संख्या है। उच्च Resolution का अर्थ है अधिक सटीक Position Feedback। High-Precision Applications जैसे Robotics या CNC Machining में अधिक Bit-Level (जैसे 16-bit या उससे अधिक) Encoder का चयन किया जाता है।
Output Interface और Communication Protocol
Encoder का Output Controller या PLC के साथ Compatible होना चाहिए। सरल Point-to-Point Communication के लिए SSI उपयुक्त होता है, जबकि Multi-Axis या Networked Systems में CANopen, Profibus या EtherCAT जैसे Protocol बेहतर Synchronization और Real-Time Performance प्रदान करते हैं। सही Interface का चयन System Integration को सरल बनाता है।
Shaft Type (Solid / Hollow)
Mechanical Mounting के अनुसार Shaft Type का चयन महत्वपूर्ण होता है। Solid Shaft Encoder पारंपरिक Coupling के साथ उपयोग किए जाते हैं, जबकि Hollow Shaft Encoder सीधे मशीन शाफ्ट पर लगाए जा सकते हैं। सही Shaft Selection से Mechanical Error, Slip और Misalignment की संभावना कम होती है।
Operating Environment
Encoder जिस वातावरण में कार्य करेगा, उसका मूल्यांकन अत्यंत आवश्यक है। धूल, नमी, तेल, तापमान और कंपन जैसे कारक Encoder की Performance और Life को प्रभावित करते हैं। कठोर औद्योगिक वातावरण के लिए उच्च IP Rating और मजबूत Construction वाले Encoders का चयन किया जाना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)
1. Absolute Encoder कौन-से Signals Output करता है?
Absolute Encoder मुख्य रूप से Digital Signals आउटपुट करता है, जिनमें हर शाफ्ट पोज़िशन के लिए एक Unique Digital Code होता है। यह कोड Binary या Gray Code के रूप में हो सकता है, जिससे कंट्रोल सिस्टम को शाफ्ट की सटीक कोणीय स्थिति तुरंत पता चल जाती है। आधुनिक Absolute Encoders यह डेटा Serial Communication Signals (जैसे SSI, CANopen, EtherCAT आदि) के माध्यम से भी भेजते हैं, जिससे Noise कम होता है और High-Accuracy Position Feedback मिलता है। इसलिए Power On होते ही Encoder बिना किसी Homing के सही Position Signal प्रदान करता है।
2. Absolute Encoder की Resolution कैसे calculate की जाती है?
एब्सोल्यूट एनकोडर का रेज़ोल्यूशन तीन तरीके से मापा या निकाला जा सकता है:
बिट्स (Bits) से:
सूत्र: रेज़ोल्यूशन = 2^N (N = बिट्स)
उदाहरण: 12-बिट = 2¹² = 4096 स्थितियाँ
आवश्यक सटीकता (Degrees) से:
सूत्र: आवश्यक स्थितियाँ = 360° / वांछित डिग्री
उदाहरण: 0.03° → 360 / 0.03 = 12,000 स्थितियाँ → अगली 2^N = 16,384 (14 बिट्स)
पल्स प्रति क्रांति (PPR) से: बताता है कि एक चक्कर में कितने पल्स या काउंट्स हैं
उदाहरण: 7500 PPR = 7500 स्थितियाँ
मल्टी-टर्न एनकोडर: ट्रैक करता है कई चक्कर: Single-Turn Bits × Multi-Turn Bits
उदाहरण: 12×12 बिट = प्रति चक्कर 4096 + 4096 चक्करों तक
संक्षेप में: बिट्स → 2^N, डिग्री → 360/Δ°, PPR → पल्स संख्या, Multi-Turn → ST×MT
3. Absolute Encoder में Gray Code क्यों इस्तेमाल किया जाता है?
Absolute Encoder में Gray Code इसलिए इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इसमें हर बार केवल एक बिट बदलती है जब स्थिति एक स्टेप आगे बढ़ती है। इससे डेटा परिवर्तन के दौरान त्रुटियाँ (errors) कम होती हैं, क्योंकि पारंपरिक बाइनरी कोड में कई बिट्स एक साथ बदल सकते हैं, जिससे संख्यात्मक झूल (misreading) हो सकता है। Gray Code की यह विशेषता सुनिश्चित करती है कि एनकोडर हमेशा सही और विश्वसनीय स्थिति फीडबैक दे, खासकर उच्च-सटीक और तेज़ गति वाले अनुप्रयोगों में।
4. Single-Turn और Multi-Turn Absolute Encoder में क्या फर्क होता है?
Single-Turn और Multi-Turn Absolute Encoder में मुख्य अंतर यह है कि Single-Turn Encoder केवल एक घूर्णन की स्थिति मापता है और हर चक्कर में शाफ्ट की सटीक स्थिति को अलग कोड में दर्शाता है, जबकि Multi-Turn Encoder एक से अधिक चक्करों की स्थिति भी ट्रैक करता है, जिससे यह लंबे समय तक या कई घूर्णनों वाले अनुप्रयोगों में पूर्ण पोज़िशन फीडबैक प्रदान करता है। Multi-Turn एनकोडर में Single-Turn बिट्स के साथ Multi-Turn बिट्स भी शामिल होते हैं, जो कुल पोज़िशन की गणना करते हैं। इस प्रकार, Single-Turn एनकोडर छोटे या सीमित घूर्णन वाले सिस्टम के लिए उपयुक्त हैं, जबकि Multi-Turn एनकोडर उन सिस्टम के लिए उपयोगी हैं जहाँ कई चक्करों के बाद भी सटीक ट्रैकिंग आवश्यक होती है।
धन्यवाद! हमें उम्मीद है कि यह पोस्ट ”Absolute Encoder क्या होता है” आपके लिए जानकारीपूर्ण और मददगार रही होगी। अगर आपके कोई विचार, अनुभव या सवाल हैं, तो उन्हें नीचे कमेंट में शेयर करना न भूलें।

